Sunday, June 15, 2014

क्यूँ अच्छी लगती हैं हमें धरती पर फूलों की खुशबू लहराती फसल और बहती नदियां, और पूजी जाती हैं जहाँ पर देवियाँ लेकिन क्यूँ अच्छी नहीं लगती हमें धरती पर बेटियां बोये जाते बेटे और उग जाती हैं बेटियां सींचे जाते हैं बेटे और लहराती हैं बेटियां पढाया जाता हैं बेटों को और पढ़ जाती हैं बेटियां | भविष्यके सुनहरे स्वप्न दिखाते हैं बेटे लेकिन जीवन का यथार्थ बनाती हैं बेटियां | रुलाते हैं बेटे और सहलाती हैं बेटियां गिराते हैं बेटे और उठाती हैं बेटियां |गर्व करते हैं बेटों पर गौरवान्वित कराती हैं बेटियां | बेटे के मोह में अजन्मी रह जाती हैं बेटियां